तेहरान | पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक सनसनीखेज सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया है। ईरान द्वारा जारी किए गए वीडियो में नकाबपोश बंदूकधारी सीढ़ियों के जरिए चलते मालवाहक जहाजों पर चढ़ते और फायरिंग कर उन्हें अपने नियंत्रण में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। आईआरजीसी ने एमएससी-फ्रांसेस्का, एपामिनोंडास और यूफोरिया नामक तीन प्रमुख जहाजों को समुद्री नियमों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद वैश्विक शिपिंग रूट पर दहशत का माहौल है और कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई के जवाब में अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी करते हुए करीब 31 संदिग्ध जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है। व्हाइट हाउस ने ईरान के इन कदमों को अवैध बताते हुए कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, ईरान का आरोप है कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी उसकी अर्थव्यवस्था को नष्ट करने की साजिश है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शांति वार्ता की कोशिशों के बीच ईरान की यह जवाबी कार्रवाई कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका दे सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और संवेदनशील व्यापारिक मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान का दावा है कि जब्त किए गए जहाजों ने अपना नेविगेशन सिस्टम बंद कर रखा था और वे बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। फिलहाल, जब्त जहाजों के दस्तावेजों और सामान की सघन जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सैन्य तनाव और बढ़ा, तो वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

