वॉशिंगटन, 22 अप्रैल (वार्ता) लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि इजरायल के साथ युद्धविराम बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि किसी भी पक्ष को सुरक्षा उपायों में बाधा डालने या स्थिरता को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्री औन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “देश के इतिहास के इस मोड़ पर नागरिक शांति बनाए रखना हमारे लिए जरूरी है।” उन्होंने कहा कि वह लेबनान में असामान्य स्थिति को खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इस बीच, अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हद्दाद माउद गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग में एक प्रारंभिक बैठक में लेबनान का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह युद्धविराम के विस्तार का मुद्दा उठाएंगी और मांग करेंगी कि इज़राइल दक्षिणी लेबनानी गाँवों और कस्बों में इमारतों को गिराने का काम बंद करे।
श्री औन ने कहा कि बातचीत चार शर्तों पर टिकी है- इज़रायली आक्रामकता को रोकना, इज़रायली सेना की वापसी, कैदियों की वापसी पर सहमति और लेबनानी सेना की तैनाती।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान इज़रायल के साथ युद्धविराम को कम से कम एक महीने के लिए बढ़ाने की मांग करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पुष्टि की है कि लेबनान और इज़रायल गुरुवार को वॉशिंगटन में राजदूत स्तर पर दूसरे दौर की वार्ता करेंगे।
इससे पहले श्री औन ने स्पष्ट किया था कि इज़रायल के साथ बातचीत करने की इच्छा का मतलब यह नहीं है कि लेबनान झुक गया है या रियायतें देने के लिए तैयार है, बल्कि इसका उद्देश्य सशस्त्र संघर्ष का स्थायी अंत करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अप्रैल से लेबनान और इज़रायल के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की थी।
इस युद्धविराम के बावजूद इज़रायली सेना पर हवाई और जमीनी हमलों के जरिए समझौते के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। वहीं, हिज़्बुल्ला ने भी मंगलवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने युद्धविराम शुरू होने के बाद पहली बार इज़रायली ठिकानों पर हमला किया है।
इस बीच इज़रायली सेना का दावा है कि उसने हिज़्बुल्ला के एक ड्रोन को मार गिराया है, जो दक्षिणी लेबनान में उसके सैनिकों की ओर बढ़ रहा था। इज़रायल ने इसे युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताया है।
दूसरी ओर, हिज़्बुल्ला ने कहा कि उसने बय्यादा कस्बे में इज़रायली सेना के नए तोपखाना शिविर को निशाना बनाया था। उसने इज़रायल पर अस्थायी युद्धविराम समझौते के बार-बार उल्लंघन का आरोप लगाया है।