नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल पर सीधा हमला बोला। ओवैसी ने डोभाल के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भारत ने कभी दूसरे देशों पर हमला नहीं किया। ओवैसी ने कहा कि डोभाल इतिहास में “कमजोर” हैं, क्योंकि महान चोल राजवंश के राजाओं ने अपनी शक्ति का विस्तार करते हुए श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे विदेशी क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की थी और वहां शासन किया था।
अजीत डोभाल द्वारा युवाओं से गुलामी के इतिहास का ‘बदला’ लेने के आह्वान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर अतीत की गलतियों का बदला आज लेना है, तो यह सिलसिला कहाँ रुकेगा? ओवैसी ने सवाल दागा कि “अगर आज इतिहास का बदला लेने की बात हो रही है, तो महात्मा गांधी के हत्यारे के धर्म के बारे में क्या कहेंगे?” उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए यह भी पूछा कि क्या अब कौरवों द्वारा किए गए अत्याचारों का बदला भी आज के दौर में लिया जाएगा?
ओवैसी ने न केवल इतिहास बल्कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरएसएस के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर सवाल उठाए और इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी के दावों को खारिज किया। ओवैसी ने दो टूक कहा कि अगर कहीं भी घुसपैठ हो रही है, तो यह मोदी सरकार की विफलता है क्योंकि पुलिस, खुफिया एजेंसियां और देश की सीमाओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केंद्र की है। यह जुबानी जंग 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

