
नयी दिल्ली 21 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन अपने मूल उद्देश्य से भटककर पूरी तरह राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण हो गया। कांग्रेस संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उनके वरिष्ठ सहयोगी और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। यह कदम उस संबोधन के बाद उठाया गया है, जो लोकसभा में सरकार की रणनीति को विपक्ष की एकजुटता से झटका लगने के बाद दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन हमेशा राष्ट्रीय एकता और विश्वास निर्माण के लिए होता है लेकिन इस बार यह पूरी तरह राजनीतिक हमलों का मंच बन गया। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पार्टी पर 59 बार हमला किया, जो इस पद की गरिमा के खिलाफ है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह रवैया उनके कार्यकाल पर एक “स्थायी दाग” के रूप में दर्ज होगा और इससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि 18 अप्रैल को श्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर कांग्रेस और विपक्ष पर कड़ा हमला बोला था। प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद लगातार विवाद तेज़ है।
