वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि इस सप्ताह के अंत तक कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो दो सप्ताह का संघर्ष-विराम (सीजफायर) आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि 7 अप्रैल को घोषित युद्धविराम बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि समझौता नहीं हुआ, तो भारी बमबारी फिर से शुरू हो सकती है।” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह जल्दबाजी में कोई भी खराब समझौता नहीं करेंगे और अमेरिकी हितों के लिए वह लंबे समय तक इंतजार करने को तैयार हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक शांति समझौता पूरी तरह से हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि ईरानी पक्ष व्यापारिक रास्ते खुलवाने के लिए बेताब है, लेकिन अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। अमेरिकी नौसेना द्वारा हाल ही में एक ईरानी जहाज को जब्त किए जाने के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अब तक ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले 27 जहाजों को रोका जा चुका है, जिससे ईरान पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाले हैं, जहाँ इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। हालांकि, ट्रंप ने इस वार्ता में ईरान की भागीदारी पर अनिश्चितता जताते हुए कहा कि वे वहां हों या न हों, अमेरिका अपने मिशन पर अडिग है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि यदि बातचीत में कोई सकारात्मक मोड़ आता है, तो वे शीर्ष ईरानी नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें इसकी आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। पूरी दुनिया की नजरें अब बुधवार शाम की समय सीमा पर टिकी हैं।

