हैदराबाद | तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जयशंकर भूपालपल्ली जिले में एक जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर जोरदार हमला बोला। रेवंत रेड्डी ने कसम खाते हुए कहा कि यदि वह 2029 के चुनाव में केसीआर से विपक्ष के नेता का दर्जा नहीं छीन पाए, तो वह अपना नाम बदल लेंगे। मुख्यमंत्री ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे ‘कुलेश्वरम’ करार दिया और कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनी यह योजना तीन साल में ही ढह गई। उन्होंने केसीआर को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि 2029 में मुकाबला “तुम बनाम मैं” होगा और जनता इसका फैसला करेगी।
इस जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘रैतु भरोसा’ योजना की दूसरी किस्त के तहत किसानों के खातों में 5,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की। उन्होंने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है और कर्ज माफी के अपने वादे को एक साल के भीतर पूरा करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 25.35 लाख किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग फार्महाउस में सोकर समय बिताते हैं, उन्हें सत्ता में लौटने का कोई हक नहीं है।
दूसरी ओर, बीआरएस प्रमुख केसीआर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस सरकार पर राज्य को अराजकता में धकेलने का आरोप लगाया। जगतियाल में आयोजित ‘प्रजा आशीर्वाद सभा’ में केसीआर ने पूर्व मंत्री जीवन रेड्डी का अपनी पार्टी में स्वागत किया और उन्हें बीआरएस का महासचिव नियुक्त किया। केसीआर ने राज्य सरकार की ‘हाइड्रा’ (Hydra) परियोजना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने संकल्प लिया कि जैसे ही बीआरएस सत्ता में वापस आएगी, वह सबसे पहले हाइड्रा परियोजना को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। इस जुबानी जंग ने तेलंगाना की राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है।

