चेन्नई | तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले चुनाव अधिकारियों ने राज्य भर में सघन छापेमारी कर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, सोना, शराब और नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। चुनाव निगरानी टीमों ने सीधे तौर पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का सामान बरामद किया है, जबकि शेष राशि आयकर विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों की स्वतंत्र कार्रवाई में पकड़ी गई है। अधिकारियों के अनुसार, मतदाताओं को अवैध रूप से प्रभावित करने के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में कूपन और फ्रीबीज बांटने की खबरें मिली थीं, जिसके बाद करीब 100 मामले दर्ज किए गए हैं।
प्रशासन ने राज्य के कुल 234 विधानसभा क्षेत्रों में से 105 को ‘व्यय-संवेदनशील’ (Expenditure-Sensitive) की श्रेणी में रखा है, जहाँ भारी धनबल के इस्तेमाल की आशंका है। इसके अतिरिक्त, 5,938 मतदान केंद्रों को ‘अति-संवेदनशील’ चिह्नित किया गया है, जहाँ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। तिरुवल्लूर और चेन्नई जिलों में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती दर्ज की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने वाले किसी भी प्रयास से कड़ाई से निपटा जाएगा।
मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य में 95 प्रतिशत से अधिक वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप बांटी जा चुकी हैं। विशेष रूप से, 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतपत्र (Postal Ballot) की सुविधा दी गई, जिसका लाभ उठाते हुए दो लाख से अधिक लोगों ने अपना वोट पहले ही डाल दिया है। चुनाव आयोग ने बड़ी संख्या में सामान्य और व्यय पर्यवेक्षकों को तैनात किया है ताकि हर विधानसभा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे। पूरी प्रशासनिक मशीनरी अब 23 अप्रैल को होने वाले इस लोकतंत्र के महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुस्तैद है।

