रातीबड़ थाने को मिला आईएसओ अवार्ड

भोपाल। राजधानी के रातीबड़ थाने को बेहतरीन सेवाओं के चलेते आईएसओ अवार्ड दिया गया है. जिसका प्रमाण पत्र क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा रविवार को दिया गया. जो जिले का तीसरा थाना है. रातीबड़ थाने को भारत की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम द्वारा मूल्यांकन, गुणवत्ता एवं मानकों के आधार पर आईएसओ अवार्ड के लिए चयनित किया गया. पुलिस आयुक्त संजय कुमार एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में रविवार को आईएसओ 9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया. इसके पहले थाना मिसरोद एवं महिला थाना को भी ढ्ढस्ह्र सर्टिफाइड किया जा चुका है.. इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर श्रीमती मोनिका शुक्ला, एडिशनल कमिश्नर अवधेश गोस्वामी, डीआईजी रियाज इकबाल, डिप्टी कमिश्नरअखिल पटेल, एसीपी दीपक नायक, एसीपी अंकिता खातरकर एवं आईएसओ की टीम तथा थाना स्टाफ मौजूद रहा..

आईएसओ का मतलब सभी काम नियम से होना

पुलिस के संदर्भ में आईएसओ का मतलब अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है, यह एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जो विभिन्न सेवाओं जैसे पुलिसिंग में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के लिए मानक निर्धारित करती है. जब किसी पुलिस स्टेशन को आईएसओ सर्टिफिकेट मिलता है, तो इसका मतलब है कि वहां का कामकाज, रिकॉर्ड-कीपिंग, पीडि़ता को मदद और नागरिकों को मिलने वाली सेवाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं.

आईएसओ प्रमाण पत्र कौन देता है

मान्यता प्राप्त स्वतंत्र थर्ड-पार्टी सर्टिफिकेशन बॉडीज (अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) द्वारा दिया जाता है. ये संस्थाएं मान्यता प्राप्त होनी चाहिए, जो आईएसओ मानकों के अनुसार ऑडिट करके प्रमाणपत्र जारी करती हैं.

आईएसओ (अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है, जो मानक बनाता है पर सर्टिफिकेट नहीं देता. भारत में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त निजी एजेंसियां आईएसओ सर्टिफिकेट देती हैं.

 

 

Next Post

रुपयों के लेनदेन के विवाद में युवक की निर्मम हत्या

Sun Apr 19 , 2026
उज्जैन। शहर में अपराधों को ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि पुलिस इसे कम करने में लगी हुई तो है। लेकिन विवादों हो ही नहीं ऐसे प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लेनदेन के विवाद में रविवार दोपहर युवक की हत्या कर दी गई। घटना के […]

You May Like