सीहोर। शहर के गंज क्षेत्र स्थित कोली मोहल्ले में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है. एक बेटे ने मामूली विवाद के चलते अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात गंज निवासी सोनू शाक्य का अपने पिता सुभाष शाक्य से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. बताया जा रहा है कि यह विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि सोनू ने आपा खोते हुए अपने पिता पर हमला कर दिया. उसने सुभाष शाक्य को बुरी तरह पीटा और गला दबा दिया जिससे वे अचेत हो गए. घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक सुभाष शाक्य की हालत नाजुक हो चुकी थी और सोनू वहां से जा चुका था.
गंभीर हालत में परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था. इस घटना ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया और हर कोई इस अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोश और दुख व्यक्त कर रहा है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पुत्र सोनू शाक्य को हिरासत में ले लिया. प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है, लेकिन आरोपी से सघन पूछताछ की जा रही है.
इस हृदयविदारक घटना के बाद कोली मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है. आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है. शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया. मामले में जब सुभाष शाक्य के पड़ोसियों से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि सोनू दिन भर गांजा, चरस, शराब के नशे में डूबा रहता है. उसका बड़ा भाई दीपक पेट्रोल पंप पर काम करता है तथा वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ पिता सुभाष, मां कृष्णाबाई के साथ मकान के निचले तल में रहता है, जबकि सोनू ऊपर वाले हिस्से में अकेला रहता था.
दस साल से परिवार वालों को कर रहा था परेशान
मृतक की पत्नी कृष्णा बाई ने घटना को लेकर भावुक बयान दिया. उन्होंने रोते हुए बताया कि उनका बेटा लंबे समय से परिवार को परेशान कर रहा था. उनके अनुसार, वह पिछले करीब दस वर्षों से घर में विवाद करता रहा है और अक्सर झगड़े की स्थिति पैदा करता था. उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन भी बेटे के देर से घर आने पर जब पिता ने उसे टोका, तो उसने आक्रोश में आकर यह खौफनाक कदम उठा लिया. कृष्णा बाई ने कहा कि पिता द्वारा बेटे से सवाल करना स्वाभाविक है और उनका अधिकार भी है, लेकिन बेटे ने इसी बात को लेकर पिता की जान ले ली. उनका कहना है कि परिवार लंबे समय से बेटे के व्यवहार से परेशान था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी.
पिता के साथ ऑटो में बैठकर आया अस्पताल
पिता के साथ निर्दयता से मारपीट करने के बाद सोनू घर से कुछ दूर चला गया था. जब सुभाष शाक्य को बड़ा बेटा दीपक व मां कृष्णाबाई ऑटो में लिटाकर अस्पताल ला रहे थे तो रास्ते में उसने आटो रोका और उसमें बैठकर उनके साथ अस्पताल आ गया. अस्पताल की चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने ही अपने पिता के साथ मारपीट की है. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे चौकी में बैठा लिया और थाना कोतवाली में सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस उसे अपने साथ थाने ले आई और उससे पूछताछ की जा रही है.
