जबलपुर: जिले में अक्षय तृतीया तथा वर्ष भर के दौरान अन्य विवाह मुहूर्तों पर बाल विवाह की रोकथाम के लिये व्यापक रणनीति तैयार की गई है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने एक आदेश जारी कर जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में अनुभाग स्तर पर सात सदस्यों की निगरानी समितियां गठित कर बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने जिला स्तर से लेकर खण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में ग्राम स्तरीय दलों का गठन करने के निर्देश दिये हैं।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि बाल विवाह होने की सूचना जिला स्तरीय या खण्ड स्तरीय कंट्रोल रूम, पुलिस कंट्रोल रूम, संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, थाना प्रभारी अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को दी जा सकती है। बाल विवाह की रोकथाम के लिये अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में गठित निगरानी समितियों में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, महिला एवं बाल विकास के परियोजना अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक को शामिल किया गया है।
अनुविभागीय स्तर पर गठित समितियां किसी भी स्तर से कहीं से भी बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल प्रभावी कदम उठाकर ऐसे आयोजनों को रोकेंगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी सामूहिक विवाह आयोजन की अनुमति इस शर्त पर जारी करेंगे कि आयोजन में वर की आयु 21 वर्ष तथा वधु की आयु 18 वर्ष से कम न हो। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नामांकित किया है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अनुभाग स्तर पर उड़नदस्ता का गठन करेगें एवं बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर उड़नदस्ता द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक बाल विवाह की सूचना देने के लिये वन स्टाप सेन्टर जबलपुर को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिले का कोई भी नागरिक बाल विवाह होने की जानकारी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0761-2625527 पर दे सकेगा।
