सतना :गर्मी के जोर पकडऩे पर पिछले पखवाड़े भर से ऐसा कोई दिन सामने नहीं आया जब जिले में खेत अथवा जंगल में आग लगने की घटना सामने न आई हो. इसी कड़ी में जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र अंतर्गत रोहनिया के जंगल में भी भीषण आग लग गई. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे बुझाने में लगे वन अमले के 2 बीट गार्ड बेहोश होकर अस्पताल पहुंच गए.प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र अंतर्गत रोहनिया के जंगलों में लगी आग ने शुक्रवार को भीषण रुप ले लिया.
सूखी गर्मी और तेज हवाओं के मेल से आग जंगल में तेजी से फैलने लगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर वन अमले द्वारा आग को नियंत्रित करने के प्रयास शुरु कर दिए. लेकिन उपलब्ध सीमित संसाधनों के साथ वन अगले का प्रयास नाकाफी साबित होता नजर आया. जिसके चलते आगे ने विकराल रुप लेना शुरु कर दिया. हलांकि वन कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी और जहां भी उन्हें समझ में आया उसी प्वाइंट से उन्होंने आग को राकने के प्रयास जारी रखे.
लेकिन इसी दौरान वन विभाग के 2 बीटगार्ड अचानक गश खकर नीचे गिर गए. जिसे देखते हुए साथियों ने फौरन उन्हें सुरक्षित बाहर निकालते हुए मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां पर जारी रहे उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होता नजर आने लगा. बताया गया कि जंगल में भडक़ी आग की वजह से एक ओर जहां आस पास का तापमान काफी बढ़ गया था. वहीं दूसरी ओर लगातार आग जलने के कारण उक्त क्षेत्र में आक्सीजन की मात्रा भी काफी घट गई थी. जिसके चलते बीट गार्ड रामकृष्ण पाण्डेय और गोविंद यादव बेहोश हो गए थे. हलांकि वन अमले के प्रयास के बावजूद भी जंगल की आग रुकने का नाम नहीं ले रही थी. दोपहर बाद जंगल की आग निकट स्थित गांव की ओर बढऩे लगी. जिसके चलते पूरे गांव पर खतरा मंडराने लगा. यह बात और है कि खतरे को भांपते हुए वन अमले के साथ ग्रामीण भी सक्रिय हो गए और आग को गांव तक पहुंचने से पहले रोक लिया गया
