जबलपुर: साहब….स्थापना विभाग और विधि विभाग के अधिकारियों द्वारा अग्रिशमन दल विभाग जबलपुर के हम 11 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र लाने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है जबकि वर्ष 2016 में मप्र हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया था कि उन सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। बावजूद इसके हम 11 कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है। ये बातें अग्रिशमन दल विभाग जबलपुर के पीड़ित कर्मचारियों ने गुरूवार को निगमायुक्त के नाम अधिकारी को ज्ञापन सौंपते वक्त कहीं और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित फायर कर्मचारियों ने अब निगमायुक्त से मांग की है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को हिदायत देकर निर्देश दिए जाएं और नियमित करने के आदेश जारी किए जाएं। कर्मचारियों की माने तो वे अभी नियमित तौर पर अपनी सेवाएं फायर ब्रिगेड को दे रहे हैं।
मप्र हाईकोर्ट ने सुनाया था पक्ष में फैसला
फायर ब्रिगेड कर्मी हल्लू प्रसाद बेन, चेतन तिवारी, अनीस खान, राजेश सेन, गणेश सोनी, गुल्फाम खान, रविंद्र कुमार राजपूत, चेतराम पांडे, ठाकुर प्रसाद खटीक, संजय तिवारी सेवानिवृत्त, मनोज कुमार श्रीवास सेवानिवृत्त ने नवभारत को स्पष्ट बताया कि नगर निगम में नियमतिकरण के लिए उन्होंने वर्ष 2016 में याचिका क्रमांक डब्ल्यू पी 165 2015 दायर की थी जिसमें नियमित फायरमैन के पद पर नियमित करने के आदेश भी कोर्ट ने जारी कर दिए थे। इसके बाद नगर निगम सुप्रीम कोर्ट गई जहां भी कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला सुनाया गया इसके बाद भी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र, अन्य दस्तावेज की मांग को लेकर गुमराह किया जा रहा है। कर्मचारियों ने ये भी कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नगर निगम द्वारा कभी नहीं दिया जाता लेकिन उसके बावजूद इसकी आड़ लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा है ।
एक दूसरे पर जिम्मेदार डाल रहे जवाबदेही
इस संबंध में स्थापना विभाग के अधीक्षक संजय पटैल से बात की गई तो उनका स्पष्ट कहना था कि नियुक्ति पत्र या अन्य दस्तावेज फायर कर्मियों से मांगने के आदेश के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, इसकी पूरी जानकारी स्थापना विभाग के बाबू वीरू मार्को को होगी। जब इस संबंध में बाबू वीरू से संपर्क किया तो उन्होनें भी मामले से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है इसकी जानकारी अधीक्षक संजय पटैल को होगी।
