ईपीएफओ में दावा निपटान के लिए चेक प्रति की आवश्यकता नहीं

दिल्ली, 03 अप्रैल (वार्ता) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(ईपीएफओ) ने दावा निपटान प्रक्रिया को सरल बनाते हुए चेक लीफ या बैंक पासबुक की तस्वीर अपलोड करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।इसके अलावा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) के साथ बैंक खाता विवरण जोड़ने के लिए नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि ईपीएफ सदस्यों के लिए जीवनयापन की सुगमता और नियोक्ताओं के लिए व्यवसाय को आसान बनाने की दिशा में ईपीएफओ ने अपनी दावा निपटान प्रक्रिया में दो प्रमुख सुधार किए हैं। इन उपायों से दावा निपटान की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार आएगा और दावा खारिज होने से संबंधित शिकायतों में भी कमी आएगी।

ईपीएफओ ने ऑनलाइन दावे दाखिल करते समय चेक लीफ या सत्यापित बैंक पासबुक की तस्वीर अपलोड करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।चूंकि यूएएन के साथ बैंक खाते को जोड़ने के समय बैंक खाताधारक का नाम पहले से ही ईपीएफ सदस्य के विवरण के साथ सत्यापित होता है, इसलिए अब इस अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं है।

इससे ईपीएफओ के लगभग छह करोड़ सदस्यों को तत्काल लाभ मिलेगा, जिससे खराब गुणवत्ता या अपठनीय अपलोड के कारण दावों की अस्वीकृति समाप्त हो जाएगी तथा संबंधित शिकायतें कम होंगी।

मंत्रालय ने कहा कि यूएएन के साथ बैंक खाता विवरण जोड़ने के लिए नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता को हटा दिया गया है।वर्तमान में प्रत्येक सदस्य को अपने बैंक खाते को यूएएन से जोड़ना आवश्यक है ताकि उनके पीएफ निकासी को ऐसे खाते में सहजता से जमा किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन बैंक खाते को जोड़ने के लिए लगभग 36,000 अनुरोध किए जा रहे हैं और बैंकों को सत्यापन पूरा करने में औसतन तीन दिन लगते हैं। हालांकि बैंक सत्यापन के बाद, नियोक्ता द्वारा प्रक्रिया को मंजूरी देने में लगने वाला औसत समय लगभग 13 दिन है, जिसके परिणामस्वरूप नियोक्ता के स्तर पर कार्यभार बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप सदस्य के लिए बैंक खाते को जोड़ने में देरी होती है।

वर्तमान में प्रत्येक माह योगदान देने वाले 7.74 करोड़ सदस्यों में से 4.83 करोड़ सदस्यों ने अपने बैंक खातों को यूएएन से जोड़ दिया है। 14.95 लाख स्वीकृतियां नियोक्ताओं के स्तर पर लंबित हैं।

नयी व्यवस्था में सदस्य के बैंक खाते की सीडिंग प्रक्रिया में बैंक खाते के सत्यापन को मंजूरी देने की नियोक्ता की भूमिका को अब समाप्त कर दिया गया है। इससे 14.95 लाख से अधिक सदस्यों को तुरंत लाभ मिलेगा, जिनकी मंजूरी नियोक्ताओं के पास लंबित है।

उपरोक्त सरलीकृत प्रक्रिया से उन सदस्यों को भी सुविधा होगी जो अपना नया बैंक खाता नंबर दर्ज करके पहले से जुड़े बैंक खाते को बदलना चाहते हैं।

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