
सीधी: जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया से शव को स्कूटी से ले जाने का मामला सामने आया है। घटना बुधवार रात करीब 12 बजे की है। मृतक के बेटों ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की अस्पताल में इलाज न मिल पाने से मौत हो गई। शव ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिली। मजबूरन वे पिता के शव को स्कूटी से लेकर घर गए। अपने परिजन को इस तरह ले जाता देख महिलाए चीख-चीखकर रोने लगीं। परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे रामसजीवन गुप्ता की तबीयत अचानक बिगड़ी थी।
उन्हें तुरंत सेमरिया अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को इलाज की कोई मदद नहीं मिली। उनके बेटा-बेटी इलाज के लिए भटकते रहे लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। ड्यूटी डॉक्टर को तलाशने के दौरान उनके पिता की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद भी परिजनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें शव ले जाने के लिए न तो एंबुलेंस मिली और न ही कोई शव वाहन उपलब्ध कराया गया। मजबूरन परिवार को रामसजीवन गुप्ता के शव को स्कूटी पर बैठाकर घर ले जाना पड़ा।
अस्पताल में नहीं थे डयूटी डॉक्टर
मृतक के बेटे संजीव गुप्ता ने आरोप लगाया कि घटना के समय डॉ. संजय पटेल की ड्यूटी थी, लेकिन वे अस्पताल में मौजूद नहीं थे। संजीव गुप्ता ने कहा कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते तो उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल प्रशासन ने न तो इलाज की व्यवस्था की और न ही शव ले जाने के लिए कोई सुविधा दी।
इनका कहना है
जिस वक्त का मामला बताया जा रहा है रात में वे खाना खाने के लिए अपने कमरे में गए थे। इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
डॉ. संजय पटेल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया
