
जबलपुर। बैंक के साथ लोन के नाम पर 1 करोड़ 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ सीबीआई ने 9 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। सीबीआई की विशेष कोर्ट ने तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड अधिकारी सहित सभी 9 व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपियों पर 11 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक तेंदुखेडा में फरवरी से मई 2020 के बीच मेसर्स एम के इंटरप्राइजेज ने लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदकों की तरफ से खुद को दाल मिल का संचालक बनाया गया था। इसके अलावा वेयर हाउस में दाल का स्टॉक रखे होने की रसीद पाई गई थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जांच में पाया कि वेयर हाउस संचालक के साथ मिलीभगत कर दाल का स्टॉक होने की फर्जी रसीद प्रस्तुत कर लोन लिया गया है। वास्तव में वेयर हाउस में दाल का कोई स्टॉक नही था।
सीबीआई ने जांच में पाया था कि तत्कालीन बैंक मैनेजर मैनेजर केएस राउत, फील्ड ऑफिसर विजय कुमार मालवीय, आशीष सिंधई, योगेंन्द्र सिंधई, श्रीमति मणि सिंधई, प्रियंका योगेन्द्र सिंधई, संतोष सिंधई, संगीता जैन एवं विष्णु बहादुर सिंह के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र के तहत 1 करोड़ 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी है। विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने सुनवाई के दौरान पेश किये गये गवाह व साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया। सीबीआई के तरफ से लोक अभियोजन अधिवक्ता संजय उपाध्याय ने पैरवी की।
