बेरूत/यरूशलम, 15 अप्रैल (वार्ता) इज़रायल और लेबनान के बीच हुई प्रत्यक्ष वार्ता के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने हिज़्बुल्लाह के मुद्दे पर समान सोच उभरने के संकेत दिए हैं और दक्षिणी लेबनान में जारी संघर्ष के समाधान की इच्छा जताई है। अमेरिका में इज़रायल के राजदूत येचियल लेइटर ने कहा कि वार्ता में हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को समाप्त करने को लेकर “रुख में समानता” देखने को मिली। उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह हिज़्बुल्लाह के प्रभुत्व से बाहर निकलना चाहती है।
श्री लेइटर ने वार्ता को “सकारात्मक और उपयोगी संवाद” बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने यह महसूस किया कि वे इस मुद्दे पर एक ही दिशा में सोच रहे हैं,
जो आगे की बातचीत के लिए उत्साहजनक है। लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को प्राथमिकता बताया। उन्होंने विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी और संघर्ष से उत्पन्न मानवीय संकट को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की। इज़रायल ने दोहराया कि उसका संघर्ष लेबनान राष्ट्र से नहीं, बल्कि हिज़्बुल्लाह से है, और वह भविष्य में संबंध सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। अधिकारियों के अनुसार, अगली वार्ता की तिथि और स्थान उपयुक्त समय पर घोषित किए जाएंगे।

