जलेश्वर महादेव क्षेत्र में जल संरचनाओ की साफ-सफाई

नीमच। प्रदेश सरकार द्वारा जल संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 19 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चलाया जा रहा है । इसी क्रम में वन्यजीवों और आम जनों को पेयजल संकट से बचाने के लिए नीमच वन विभाग द्वारा वन परिक्षेत्र नीमच की बीट जीरन द्वितीय के जलेश्वर महादेव क्षेत्र में स्थानीय जन-सहयोग और ग्राम वन समितियों की सक्रिय भागीदारी से प्राकृतिक एवं मानव निर्मित जल संरचनाओं की सफाई व मरम्मत का कार्य किया गया।

इस अभियान के तहत ग्राम वन समिति हरवार और पिपलिया जागीर के सदस्यों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग के अमले के साथ मिलकर श्रमदान किया। इस दौरान वन क्षेत्र में स्थित विभिन्न प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाब, तलाई, स्टॉप डैम और डबरा-डबरी में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई तथा सामान्य मरम्मत का कार्य किया गया।

वनमंडला अधिकारी श्री एस.के. अटोदे ने बताया, कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते तापमान और पानी की कमी को देखते हुए, न सिर्फ वन्य प्राणियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करना है, बल्कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों और ग्राम वन समिति सदस्यों के लिए भी पानी की सुलभता सुनिश्चित करना है। जल स्रोतों के सफाई व मरम्मत से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकेगा, जिससे पूरे इलाके का भू-जल स्तर भी सुधरेगा और वन्यजीवों को पानी की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा।

इस संपूर्ण कार्यवाही के दौरान डीएफओ, नीमच श्री एस.के.अटोदे, रेंजर श्री विशाल खेडकर, जनप्रतिनिधि श्री मोहन सिंह जाट व श्री पर्वतसिंह जाट बीट प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह पाँवर, वनरक्षक श्री ईश्वर सिंह चौहान, ग्राम वन समिति हरवार और पिपलिया जागीर के सदस्यो तथा स्थानीय ग्रामीणों ने उपस्थित होकर श्रमदान किया ।

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