नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (वार्ता) पहली छमाही के सुस्त प्रदर्शन के बावजूद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और रेपो दरों में कटौती के कारण वित्त वर्ष 2025-26 में वाहनों की घरेलू बिक्री 10.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,82,65,519 इकाई के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री 7.9 प्रतिशत बढ़कर 46,43,439 इकाई पर पहुंच गयी। दुपहिया की बिक्री 10.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,17,05,974 इकाई पर रही। सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने रिपोर्ट जारी करने के मौके पर बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सभी खंडों में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गयी है। सात साल बाद यह स्थिति बनी है जो वाहन निर्माता कंपनियों के लिए खुशखबरी है।
वित्त वर्ष के दौरान वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 12.6 प्रतिशत मजबूत वृद्धि देखी गयी और यह एक साल पहले के 9,58,679 इकाई से बढ़कर 10,79,871 इकाई पर रही। तिपहिया की बिक्री में भी 12.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 8,36,231 इकाई हो गयी। हालांकि तिपहिया के खंड में ई-रिक्शा की बिक्री में 29.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। श्री चंद्रा ने कहा कि जीएसटी की दरों में पिछले साल सितंबर में की गयी कटौती से ग्राहक धारणा मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक द्वारा पिछले साल रेपो दरों में की गयी कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती और सरकार द्वारा आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से भी बिक्री बढ़ाने में मदद मिली है।

