
उज्जैन। इंदौर रोड तपोभूमि चौराहा से लुटेरी दुल्हन के भागने का चौकाने वाला मामला सामने आया है। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने दुल्हन को हिरासत में लेकर उसके गिरोह में शामिल साथियों की तलाश शुरू की है।
इंदौर रोड स्थित तपोभूमि चौराहा पर यातायात पुलिस द्वारा वाहनों की चैकिंग की जा रही थी। उसी दौरान इको गाड़ी क्रमांक एमपी 20 सीबी 8261 को रोका गया, उसमें कुछ लोग सवार थे। तभी गाड़ी में बैठी एक महिला ने कहा कि उसे जबरदस्ती लेकर जा रहे है। सभी को गाड़ी से बाहर निकाला गया, उसी दौरान महिला ने भागने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी में सवार महिला और कुछ लोगों ने भाग रही महिला को पकड़ लिया। यातायात निरीक्षक पहले तो कुछ समझ नहीं पाये, जब पूछताछ की गई तो पता चला मामला लुटेरी दुल्हन गिरोह और लेनदेन से जुड़ा है। तत्काल मामले की सूचना नानाखेड़ा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और लुटेरी दुल्हन के साथ सभी को थाने ले आई। जहां श्यामा पति कवंरलाल मोंगिया निवासी ढिकनीया धमोत्तर प्रतापगढ़ राजस्थान की शिकायत पर लुटेरी दुल्हन ज्योति पति धर्मेन्द्र जाट, उसके गिरोह में शामिल संगीता निवासी इंदौर और काजी कुमावत निवासी ग्राम रेवास देवड़ा मंदसौर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। थाना प्रभारी नरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरोह में शामिल साथियों की तलाश जारी है। जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जायेगा। शिकायतकर्ता श्यामा मोंगिया ने बताया कि उसके भाई पप्पू की शादी के लिये रिश्ता देख रहे थे। इस दौरान गांव अम्बाउ में रहने वाली मम्मी कमलाबाई ने कहा कि गांव आजा तेरे भाई पप्पू के लिये रिश्ता देखा है। वह गांव पहुंची तो पता चला कि ग्राम रेवासदेवड़ा के काजी कुमावत ने इंदौर में लडक़ी दिखाने की बात कहीं है। वह किराये की गाड़ी से बहन पेपाबाई, भाई पप्पू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ किराये की गाड़ी से इंदौर पहुंचे। काजी ने 4 हजार का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराया। इंदौर पहुंचने पर काजी एक मकान पर ले गया। जहां ज्योति और संगीता मौजूद थे। ज्योति से शादी कराने की बात कहीं और डेढ़ लाख रुपये मांगे। रुपयों की पहले ही बात तय हो गई थी। काजी को रुपये दिये गये। उसने ज्योति को साथ भेजा दिया और खुद दूसरी गाड़ी से उज्जैन चलने के लिये कहा, जहां शादी की लिखा-पढ़ी करना तय हुआ था।
