झूठी लूट का पर्दाफाश: फरियादी ही निकला मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

आलीराजपुर। जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए कथित लूट की घटना को झूठा साबित कर दिया। थाना सोंडवा क्षेत्र में हुई इस घटना में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लूट की कहानी खुद फरियादी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने इस पूरे षड्यंत्र का भंडाफोड़ कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अश्विनी कुमार के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने सूक्ष्म जांच करते हुए मामले की परतें खोलीं।

क्या था मामला?

दिनांक 26 मार्च 2026 को फरियादी इकबाल शाह (निवासी देवास) ने थाना सोंडवा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने ड्राइवर रवि (निवासी उज्जैन) के साथ भोपाल से वापी (गुजरात) पान मसाला लेकर जा रहा था। लोढनी घाटी के पास बदमाशों द्वारा चाकू की नोक पर मारपीट कर नगदी, मोबाइल और माल लूटने की कहानी बताई गई थी।

घटना को विश्वसनीय बनाने के लिए ड्राइवर ने अस्पताल में भर्ती होकर चोट का नाटक किया, जबकि फरियादी ने खुद को जंगल में बेहोश बताकर कहानी को मजबूत करने की कोशिश की।

जांच में खुला राज

पुलिस जांच के दौरान फरियादी और ड्राइवर के बयानों में विरोधाभास सामने आया। साइबर सेल की तकनीकी जांच और लोकेशन विश्लेषण से संदेह गहराया। इसके बाद की गई मनोवैज्ञानिक पूछताछ में ड्राइवर रवि टूट गया और उसने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया।

पूछताछ में सामने आया कि आर्थिक तंगी और पुराने आपराधिक मामलों के चलते रवि ने अपने साथियों—समीर पटेल, शाहरुख और हर्षु—के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। योजना के तहत उनके साथी एक अर्टिगा कार से आए और चलती गाड़ी से माल के बॉक्स, नगदी और मोबाइल निकालकर इसे असली लूट का रूप दिया गया।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस ने अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से:

₹12,000 नगद

पान मसाले के 3 बॉक्स

घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार (MP-13-ZF-1326)

बरामद की गई है।

एक अन्य आरोपी शाहरुख अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस जटिल और सुनियोजित षड्यंत्र का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजाराम बडोले, उपनिरीक्षक सचिन डावर, बाबूलाल गहलोत, राहुल चौहान, आरक्षक कैलाश, विक्रम कनासिया एवं साइबर सेल के आरक्षक प्रमोद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

यह मामला दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और सूक्ष्म विवेचना के दम पर पुलिस न केवल अपराधियों तक पहुंच रही है, बल्कि झूठी कहानियों का भी पर्दाफाश कर कानून व्यवस्था को मजबूत बना रही है।

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