नोएडा | नोएडा के फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का प्रदर्शन आज बेहद उग्र हो गया। हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिसमें कई गाड़ियों में आग लगा दी गई और निजी संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई। स्थिति उस समय नियंत्रण से बाहर हो गई जब भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 10 से 11 हजार रुपये के वेतन में गुजारा करना नामुमकिन है और वे ‘इन-हैंड’ सैलरी को कम से कम 20,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। हालात को काबू में करने के लिए मौके पर पीएसी (PAC) और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे रोजाना 16-16 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन उचित लाभ और समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारी इस बात से नाराज हैं कि प्रशासन केवल मांगों को मानने का खोखला आश्वासन दे रहा है, जबकि धरातल पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। इस भारी हंगामे के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हो गया है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, हालांकि इलाके में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
बिगड़ते हालात के बीच गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट किया है कि जनपद की सभी औद्योगिक इकाइयों में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब ओवरटाइम का भुगतान सामान्य दर से दोगुना करना अनिवार्य होगा और वेतन हर महीने की 10 तारीख तक एकमुश्त दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों को साप्ताहिक छुट्टी और 30 नवंबर तक बोनस का भुगतान बैंक खातों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

