बाइस देशों के 38 प्रतिनिधियों ने विधानसभा चुनावों को लोकतंत्र का ‘सच्चा उत्सव’ करार दिया

नयी दिल्ली 11 अप्रैल (वार्ता) बाइस देशों के 38 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने केरल, पुडुचेरी और असम में विधान सभा चुनावों में निर्वाचन प्रक्रिया के पैमाने, सटीकता और जीवंतता को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इसे “लोकतंत्र का सच्चा उत्सव” बताते हुए रिकॉर्ड मतदाता भागीदारी, सूक्ष्म योजना और चुनावों के निर्बाध संचालन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की।

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने असम, केरल और पुडुचेरी की आठ और नौ अप्रैल की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत प्रेषण और वितरण केंद्रों के दौरे से की, जहां उन्होंने सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स और स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदान दलों तथा चुनाव सामग्री की व्यवस्थित आवाजाही को देखा।

प्रतिनिधियों ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और राज्य पुलिस नोडल अधिकारियों के साथ चुनावों के समग्र संचालन तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी बातचीत की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों में स्थापित सीसीटीवी नियंत्रण कक्षों का भी दौरा किया, जहां मतदान केंद्रों के 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की निगरानी की जा रही थी, और इन्हें “पारदर्शिता का मजबूत स्तंभ” बताया।

यात्रा के बाद क्रोएशिया से आये प्रतिनिधि ब्रानिमिर फार्कास ने विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया के बारे में कहा, “भारतीय मतदान, यह पूरे विश्व के लिए लोकतंत्र का सच्चा उत्सव है। मेरे लिए सबसे प्रभावित करने वाली बात लोगों का मतदान के प्रति उत्साह है। हम केवल इस प्रक्रिया से सीख सकते हैं, यह एक विशाल प्रक्रिया है और इसे सही तरीके से किया गया है।”

मेक्सिको के श्री उउक-किब एस्पादास एन्को ने कहा, “भारत में चुनाव प्रक्रिया निश्चित रूप से सीखने का एक स्थान है।”

मतदान दिवस की सुबह प्रतिनिधियों ने मॉक पोल का अवलोकन किया। इसके बाद, इन 22 देशों के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग असम (कामरूप मेट्रो और कामरूप ग्रामीण), केरल (कोच्चि और तिरुवनंतपुरम) और पुडुचेरी में मतदान केंद्रों का दौरा किया, ताकि वास्तविक मतदान प्रक्रिया को देखा जा सके।

उन्होंने मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और क्रेच सुविधाओं सहित समावेशी, सहभागी और सुलभ व्यवस्थाओं की सराहना की, साथ ही महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा संचालित विशेष मतदान केंद्रों की भी प्रशंसा की।

केन्या की सुश्री फहीमा अराफात अब्दल्लाह ने कहा ,”उच्चतम स्तर की समावेशिता।” नामीबिया के पॉलस शिगवेधा ने कहा,” हम इस बात से बहुत प्रभावित हैं कि मतदान केंद्रों को कैसे संगठित किया गया है, सुविधाएं बहुत अच्छी तरह तैयार की गई हैं, व्हीलचेयर, क्रेच सुविधाएं।”

प्रतिनिधियों ने जिला स्तर के मीडिया निगरानी केंद्रों का दौरा किया और वेबकास्टिंग के माध्यम से चुनावों की निरंतर निगरानी की सराहना की। उन्होंने मतदान केंद्रों पर वृक्षारोपण अभियानों में भी भाग लिया, जो पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ चुनावी प्रथाओं को दर्शाता है।

सिएरा लियोन के अबुबकर महमूद कोरोमा ने कहा, “भारत की महान बातों में से एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का उपयोग है… हमने जो कुछ सीखा है, उसे हम अपने देश ले जा सकते हैं और देख सकते हैं कि इसे कैसे लागू किया जा सकता है, यह एक उत्सव की तरह है, यही भावना होनी चाहिए।”

पुडुचेरी में प्रतिनिधि उड़न दस्तों, ड्रोन आधारित निगरानी और ‘नीला’ नामक स्वागत रोबोट जैसी उन्नत सतर्कता व्यवस्थाओं से प्रभावित हुए। केरल में उन्होंने जनरेशन ज़ेड थीम वाले मतदान केंद्र का दौरा किया और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के उत्साह की सराहना की, जबकि असम के कामरूप (ग्रामीण) में प्रतिनिधियों ने मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच सुविधाओं की प्रशंसा की और उनका लाभ भी उठाया।

मतदान के निर्बाध संचालन और उच्च मतदाता उपस्थिति ने प्रतिनिधिमंडलों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता, समावेशिता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा, “जब दुनिया सीखने के लिए देख रही है, भारत अभूतपूर्व पैमाने पर चुनाव कराने में मानक स्थापित करता जा रहा है, वास्तव में यह लोकतंत्र का उत्सव है।”

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