बैतूल: शहर में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार एक बार फिर सामने आई है। अभिनंदन सरोवर के पीछे प्रस्तावित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बजट और प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव में फाइलों तक ही सीमित रह गया है। करीब 9 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की डीपीआर नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गई थी, लेकिन पिछले छह माह से मंजूरी लंबित है।
इस कॉम्प्लेक्स में लिफ्ट, बाउंड्रीवाल, सीसी रोड, पेवर ब्लॉक और आरसीसी अंडरग्राउंड ड्रेनेज जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना थी। यदि समय पर स्वीकृति मिल जाती, तो शहर को एक व्यवस्थित व्यापारिक केंद्र मिल सकता था, लेकिन फिलहाल योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है।
जिस जमीन पर निर्माण प्रस्तावित है, उसका अभी अस्थायी उपयोग ही हो रहा है। हर साल मूर्तिकारों को यहां मूर्ति निर्माण के लिए स्थान दिया जाता है, वहीं लगभग 85 दुकानदार टीनशेड लगाकर अस्थायी रूप से व्यापार कर रहे हैं। स्थायी व्यवस्था के अभाव में यह गतिविधियां भी सीमित हैं।इधर गीता भवन जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रोजेक्ट के लिए भी जमीन तय नहीं हो सकी है। इस परियोजना में आधुनिक लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम विकसित करने की योजना है, लेकिन स्थान चयन में देरी से काम शुरू नहीं हो पाया। लगातार हो रही देरी से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
