वॉशिंगटन, 10 अप्रैल (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने की मांग करने वाले डेमोक्रेट्स की भारी संख्या के बावजूद पार्टी के भीतर यह समझ बढ़ रही है कि कांग्रेस पर नियंत्रण के बिना यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे वे जीत नहीं सकते।
बढ़ती हताशा के बीच डेमोक्रेट्स का कहना है कि उनका जनाधार श्री ट्रम्प की कट्टर बयानबाजी और ईरान युद्ध से जुड़े उनके कार्यों के प्रति अधिक आक्रामक रवैया अपनाने के लिए उन पर जोर डाल रहा है। इनमें से कई कार्य बेहद विवादास्पद रहे हैं।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार हाउस के एक वरिष्ठ डेमोक्रेट ने कहा, “लोग बहुत गुस्से में हैं और जानते हैं कि हमें लड़ना होगा।” लेकिन वॉशिंगटन में समीकरण नहीं बदले हैं क्योंकि रिपब्लिकन दोनों सदनों में मजबूती से जमे हुए हैं और ऐसे में सीनेट में महाभियोग के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी, जो मिलना लगभग असंभव है।
इस प्रकार जमीनी हकीकत डेमोक्रेट्स के कार्यों और उनकी प्रतिक्रिया को आकार दे रही है। जहां कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से महाभियोग या यहां तक कि 25वें संशोधन का प्रस्ताव रखा है, वहीं कुछ लोग निजी तौर पर और अन्य लोग अब सार्वजनिक रूप से भी अधिक व्यावहारिक रणनीतियों की ओर बढ़ रहे हैं।
प्रतिनिधि मैडलीन डीन ने इस तनाव को बखूबी बयां किया। उन्होंने कहा कि श्री ट्रम्प की हालिया पोस्ट्स को लेकर उन्होंने “25वें संशोधन और महाभियोग की मांग की थी।” वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनका रुख क्या है, “अभी लड़ाई इस बात पर नहीं है।”
उन्होंने कहा कि प्राथमिकता युद्ध को समाप्त करना और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी को पुनः प्राप्त करना है। साथ ही आर्थिक चिंताओं को भी दूर करना है-“कीमतें कम करना और सभी अमेरिकियों की चिंताएं कम करना।”
