लंदन, 10 अप्रैल (वार्ता) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान संघर्ष को पूरी पीढ़ी के लिए निर्णायक बताते हुए खाड़ी देशों के नेताओं के साथ ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ की अवधारणा का प्रस्ताव रखा है।
अपनी खाड़ी देशों की यात्रा के समापन के अवसर पर श्री स्टार्मर ने कहा, “यह संघर्ष एक पूरी पीढ़ी के लिए हमारी पहचान तय करने वाला है और हमें इसका जवाब देना चाहिए और हम पूरी ताकत के साथ जवाब देंगे।”
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों के नेताओं के साथ ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ के विचार पर भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि जीसीसी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी अधिकतर बातचीत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की ‘व्यावहारिक योजना’ पर केंद्रित रही।
वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण यह जलमार्ग दुनिया की कुल गैस और तेल आपूर्ति के लगभग 20 प्रतिशत (कुल प्रवाह का पांचवां हिस्सा) को नियंत्रित करता है, हालांकि युद्ध के बाद से ईरान ने इसे लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके अलावा ईरान ने इस जलमार्ग से किसी भी जहाज के गुजरने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी अनुमति के बिना गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जायेगी, जिसके कारण इस मार्ग पर समुद्री यातायात लगभग पूरी तरह से ठप हो गया है।
इससे पहले गुरुवार रात श्री स्टार्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, दोनों नेताओं ने वर्तमान संघर्ष विराम समझौते के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ‘शिपिंग फिर से शुरू करने की व्यावहारिक योजना’ की आवश्यकता पर चर्चा की, ताकि ऊर्जा प्रवाह में वैश्विक बाधाओं और बाजारों में बढ़ती महंगाई को खत्म किया जा सके।
संघर्ष विराम पर महत्वपूर्ण टिप्पणी में श्री स्टार्मर ने इसे ‘नाजुक’ बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसी भी दीर्घकालिक शांति समझौते के तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन पर ‘न तो कोई टैक्स लगाया जा सकता है और न ही कोई प्रतिबंध’।
