पांढुरना: जिले के जर्जर हो चुके शासकीय स्कूलों का कलेक्टर की पहल पर अब समाजसेवी संगठनों,व्यापारी,उद्योगपतियों की मदद से लगभग एक करोड़ की राशि से जीर्णोद्धार किया जाएगा,जिससे अब नए शिक्षण सत्र में यह शासकीय स्कूल भी मजबूत के साथ ही रंग बिरंगी और आकर्षक नजर आऐंगे।
जर्जर स्कूलों में अनहोनी का मंडराता है खतरा
गौरतलब हो कि जिले में वर्षों पूर्व में बने शासकीय स्कूल भवनों में कुछ स्कूलों की छत जर्जर होने से वर्षों ऋतु के दौरान इन टूटी छतों से पानी रिसने से इन स्कूलों में पढ़ने आने वाले छात्रों को कई परेशानियों का सामना करना पड रहा है। हालांकि सरकार द्वारा दो तीन वर्षों में एक बार स्कूलों के मरम्मत के लिए राशि दी जाती है,लेकिन वह ना काफी होती है,इस राशि से इन स्कूलों के छत के मरम्मत तो दूर की बात साफ-सफाई तथा रंग रोगन तक तक नहीं हो पाता है,जिसके परिणामस्वरूप वर्ष प्रतिवर्ष इन स्कूलों की छत तथा भवन भी जर्जर होने लगे है,जिससे यहां कभी भी कोई अनहोनी होने का खतरा हमेशा मंडराता रहता है।
सुधार कार्यों को लेकर गहन चिंतन
इसी बात से चिंतित जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ जर्जर हो चुके इन शासकीय स्कूलों के सुधार को लेकर बीते 18 मार्च 2026 को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले के शासकीय स्कूलों की वर्तमान स्थिति एवं प्रस्तावित मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्यों को लेकर अधिकारियों से गहन चर्चा की थी।
समीक्षा कर दिए स्पष्ट निर्देश
इस दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ द्वारा जर्जर हो चुके विद्यालय में प्रस्तावित मरम्मत कार्यों की अनुमानित लागत,तकनीकी समस्याओं एवं आवश्यक संसाधनों की जानकारी लेंने के साथ विद्यालयों के दिवारों,छत की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उसकी मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए उन्होंने मरम्मत कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर किचन शेड,शौचालय एवं विद्यालय के छत के सुधार कराने के कार्यों को चिन्हित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे ।
वर्षों ऋतु के पूर्व होंगे सभी कार्य
समीक्षा बैठक के दौरान ही कलेक्टर द्वारा विभागीय अधिकारियों को जर्जर हो चुके स्कूलों को चिन्हित कर आगामी 15 अप्रैल से इन स्कूलों के मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर वर्षों ऋतु के पहले ही यह सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर के मंशा के अनुरूप पांढुरना सहित सौंसर के भी विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसे स्कूलों के चिन्हित कर वहां किए जाने वाले कार्यों की सूची जिला कलेक्टर को सौंपी है।
लगभग 90 स्कूलों की हालत जर्जर
विभागीय सूत्रों की मानें तो जिला कलेक्टर को सौंपी गई सूची में पांढुरना विकासखंड के लगभग 55 तो वहीं सौसर के 35 शासकीय स्कूलों को मरम्मत करने के लिए चिन्हित किया गया है,इन जर्जर हो चुके स्कूलों के लिए लगभग एक करोड़ रुपए की राशि का व्यय होने का अनुमान है।
कलेक्टर की पहल पर मदद देने आगे आए लोग
जिला कलेक्टर नीरज वशिष्ठ द्वारा शासकीय स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए की जा रहीं इस पहल की सर्वेत्र मुक्त कंठ से सराहना कर इस पुनीत कार्य में सहयोग करने के लिए नगर सहित जिले के कई समाजसेवी संगठन के प्रतिनिधियों के साथ ही व्यापारी, उद्योगपतियों ने स्वयं ही सामने से आकर स्कूलों के जीर्णोद्धार हेतू खुले मन से अपनी निजी राशि देंने की मंशा जाहिर कर रहे है।
अब बारिश तथा गर्मी में भी शासकीय स्कूलों के छात्र रहेंगे सुरक्षित
विभागीय सूत्रों की मानें तो इन जर्जर स्कूलों के छत से टपकने वाले वर्षों ऋतु के पानी के साथ ही ग्रीष्म ऋतु की भीषण गर्मी तथा गर्म हवाओं के थपेड़ों से छात्रों को सुरक्षित रखने हेतु इन स्कूल भवन तथा आसपास नया स्टेक्चर ही खडा कर दिया जाएगा,जिसमें उच्च क्वालिटी की मोटी सीट का उपयोग करेंगे,जिसके बाद इन स्कूलों की छतों पर वर्षों ऋतु की एक भी पानी की बंदू तक नहीं गिरेंगी और वहीं दीवारें भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी
