सारंगपुर:शहर के बाग कुआं टंकी वार्ड 15 में एक 25 वर्षीय युवक पर हुए जानलेवा हमले ने अब तूल पकड़ लिया है. हमले में गंभीर रूप से घायल विमल पुष्पद जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है, वहीं पुलिस द्वारा आरोपियों पर मामूली धाराओं में केस दर्ज करने से फूलमाली समाज में भारी आक्रोश व्याप्त कार्रवाई से असंतुष्ट समाज जनों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है. इस दौरान फूल माली समाज जिला अध्यक्ष संतोष पुष्पद के साथ पार्षद
ये है पूरा मामला
बीते 6 अप्रैल की रात करीब 10 बजे, विमल पिता कैलाशनारायण पुष्पद पर पिता-पुत्र और उनके साथियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था हमलावरों ने विमल के पेट, सिर और नाक पर गहरे जख्म किए घायल युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत इंदौर रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है. ज्ञापन में समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों के साथ सांठगांठ कर ली है.
माली समाज के जिलाध्यक्ष संतोष पुष्पद ने कहा कि युवक पर प्राणघातक हमला हुआ, वह अस्पताल में भर्ती है, लेकिन पुलिस ने महज धारा 170 (पुरानी 151) जैसी मामूली धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया अपराधी खुलेआम धूम रहे हैं और पीडति परिवार को धमका रहे
राकेश पुष्पद, पूर्व अध्यक्ष अमित सुहानी, फूल माली पंचायत दरवाजा अध्यक्ष धनसिंह पुष्पद, जिला सहसंयोजक विनोद पुष्पद, पूर्ण कार्य पंचायत अध्यक्ष अशोक पुष्पद, पूर्व रंगीन वाली पंचायत अध्यक्ष दौलत राम पुष्पद, दिनेश पुष्पद, नंदू पुष्पद, सचिन पुष्पद, दीपक पुष्पद, तहसील अध्यक्ष विनोद पुष्पद, शिवनारायण पुष्पद रामनारायण पुष्पद, अजय पुष्पद, कमलेश पुष्पद, राहुल पुष्पद, काशीराम पुष्पद, हुकम पुष्पद धर्मराज पुष्पद सहित बड़ी संख्या में समाजजन और पीड़ित परिवार के समर्थक मौजूद रहे.
7 दिन में मांग पूरी नहीं तो थाने का घेराव की चेतावनी
नाराज समाज जनों ने नायब तहसीलदार गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि यदि 7 दिनों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी वास्तविक धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया, तो माली समाज उग्र प्रदर्शन करेगा और थाने का घेराव करेगा
इनका कहना है
मामले की गंभीरता को देखते हुए सारंगपुर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अरविंद सिंह ने आश्वासन दिया है कि मामले की पुन जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर उचित व सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिधित की जाएगी।
