
उज्जैन। धर्म, आस्था और तप की परंपरा को जीवंत करती पंचक्रोशी यात्रा यूं तो 12 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, बावजूद एक दो दिन पूर्व की ग्रामीण श्रद्धालु बड़ी संख्या में निकल पड़ते हैं ऐसे में जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने समुचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन में होने वाली यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का अद्भुत उदाहरण भी है। इस पवित्र यात्रा में दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल और पंचक्रोशी क्षेत्र के देवस्थानों के दर्शन के लिए नंगे पैर निकलते हैं।
कई श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ जाते हैं, लेकिन मन में भक्ति और आस्था का संकल्प उन्हें आगे बढऩे की शक्ति देता है। दाल बाटी और अन्य खाने पीने की सामग्री की गठरी सर पर रखकर चलते हैं और बाबा महाकाल के जयकारे लगाते हुए वह पढ़ाव दर पढ़ाव आगे बढ़ते रहते हैं।
पंचक्रोशी यात्रा का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन माना जाता है। मान्यता है कि इस यात्रा के दौरान लगभग 118 किलोमीटर के पंचक्रोशी क्षेत्र में स्थित प्रमुख देवस्थानों की परिक्रमा करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु परिवार सहित या समूहों में यह यात्रा करते हैं। सिर पर खाने-पीने के सामान की गठरी, हाथ में पूजा सामग्री और मन में महाकाल के दर्शन की लालसा लेकर श्रद्धालु कई दिनों तक पैदल चलते हुए यात्रा पूरी करते हैं। गांवों से आने वाले अधिकांश श्रद्धालु साधारण किसान और ग्रामीण परिवारों से होते हैं। कई महिलाएं और बुजुर्ग भी इस यात्रा में शामिल होते हैं। कड़ी धूप, लंबा रास्ता और थकान के बावजूद उनके चेहरे पर भक्ति का भाव और होंठों पर जय महाकाल का उद्घोष बना रहता है। रास्ते में पडऩे वाले मंदिरों में रुककर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं और आगे बढ़ते हैं। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर मुख्य पड़ाव और उप-पड़ाव बनाए जाते हैं, जहां श्रद्धालु विश्राम करते हैं। इन स्थानों पर प्रशासन के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएं और स्थानीय ग्रामीण भी सेवा भावना से यात्रियों के लिए भोजन, पानी, छाया और अन्य व्यवस्थाएं करते हैं।
स्वास्थ्य का भी रखा जाएगा भक्तों का ध्यान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के निर्देशानुसार पंचक्रोशी मार्ग के मुख्य पड़ाव और उप-पड़ाव पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर अस्थायी अस्पताल और स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं।
