कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ‘जहरीला सांप’ वाले बयान पर मचा सियासी बवाल, बीजेपी ने बताया गांधी परिवार की भाषा, पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली/गुवाहाटी | असम में चुनावी प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। खरगे ने कथित तौर पर एक धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि यदि नमाज के दौरान जहरीला सांप सामने आ जाए, तो उसे पहले मार देना चाहिए। उन्होंने इसी क्रम में भाजपा और आरएसएस की तुलना ‘जहरीले सांप’ से कर दी। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में कड़वाहट बढ़ गई है। भाजपा ने इसे न केवल अपमानजनक टिप्पणी करार दिया है, बल्कि इसे चुनावी मर्यादा का उल्लंघन और सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का एक सुनियोजित प्रयास माना है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने खरगे के इस बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि खरगे स्वयं एक सज्जन व्यक्ति हैं, लेकिन उनके मुंह से निकलने वाले शब्द गांधी परिवार के हैं। नबीन का आरोप है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष को रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं और वे वही बोल रहे हैं जो उन्हें सिखाया जा रहा है। गुजरात के संदर्भ में दिए गए बयानों पर भी नबीन ने कहा कि गांधी और पटेल की धरती का अपमान करना कांग्रेस की मूर्खता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हार के डर से कांग्रेस नेता अब जनता और संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साध रहे हैं।

यह विवाद अब केवल जुबानी जंग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पुलिस के दरवाजे तक पहुंच गया है। दिल्ली बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें खरगे के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। बीजेपी का तर्क है कि इस तरह की भाषा चुनाव प्रचार के नियमों के विरुद्ध है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अतीत में भी जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री या विचारधारा के खिलाफ तीखी शब्दावली का प्रयोग किया है, उसका चुनावी लाभ अक्सर बीजेपी को मिला है। अब देखना यह है कि यह कानूनी लड़ाई मतदान पर क्या असर डालती है।

Next Post

कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 2% तक फिसली, युद्धविराम की अनिश्चितता और कच्चे तेल की तेजी से टूटा निवेशकों का भरोसा

Thu Apr 9 , 2026
नई दिल्ली | गुरुवार को कमोडिटी मार्केट (MCX) में कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखा गया, जिससे सोने और चांदी के किले ढहते नजर आए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में करीब 2% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह ₹2,35,133 प्रति किलो के स्तर पर […]

You May Like