पुणे | पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक समारोह में 355 कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन और सटीकता के साथ मार्च पास्ट करते हुए सशस्त्र बलों में कदम रखा। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, जो स्वयं इसी संस्थान के पूर्व छात्र रहे हैं, ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी ली और कैडेट्स को देश सेवा के लिए प्रेरित किया।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह मिशन भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और एकीकृत प्रतिक्रिया का प्रतीक है। उन्होंने कैडेटों को याद दिलाया कि भविष्य की चुनौतियां केवल सीमा पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न रूपों में आएंगी, जिनके लिए उन्हें NDA में सीखी गई ‘संयुक्तता’ की भावना को जीवनभर आत्मसात करना होगा। उन्होंने 12 मित्र देशों के 24 कैडेटों को भी उनके सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई दी।
खेतरपाल परेड ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शानदार ‘फ्लाईपास्ट’ रहा, जिसमें Su-30 MKI विमानों और सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने अपने हवाई कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। वहीं, शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित कैडेट सुशांत वर्मा और रणविजय त्यागी ने अपनी सफलता का श्रेय NDA के अनुशासित वातावरण और अपने गुरुओं व अभिभावकों के मार्गदर्शन को दिया। समारोह के बाद सेना प्रमुख ने कैडेटों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका मनोबल बढ़ाया।

