नई दिल्ली | म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आज से भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जिसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उनकी यात्रा की शुरुआत बिहार के बोधगया से होगी, जो भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के महत्व को दर्शाता है।
राष्ट्रपति के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री और प्रमुख उद्योगपति शामिल हैं। 1 जून को नई दिल्ली में वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यात्रा के अगले चरण में, 2 जून को वे मुंबई का दौरा करेंगे, जहाँ उनका मुख्य ध्यान व्यापारिक मंचों के माध्यम से आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशने और औद्योगिक दिग्गजों के साथ संवाद करने पर रहेगा।
भारत और म्यांमार न केवल भौगोलिक रूप से करीबी पड़ोसी हैं, बल्कि दोनों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध भी गहरे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत म्यांमार के विकास और वहां के लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले साल एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ह्लाइंग के बीच हुई मुलाकात ने इस यात्रा की नींव रखी थी। अब यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और शांति के नए युग का सूत्रपात करेगा।

