गुना: जिले में गेहूं की बंपर आवक के बीच व्यवस्थाएं पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। गुरुवार को किसानों की समस्याओं ने तब उग्र रूप ले लिया जब रविवार से अपनी उपज लेकर खड़े किसान नीलामी न होने से नाराज होकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गए। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर नीलामी प्रक्रिया चला रहा है।दशहरा मैदान में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पिछले 5 दिनों से कतार में खड़े किसानों ने बताया कि रविवार से वे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन गुरुवार सुबह तक उनकी डाक नीलामी शुरू नहीं की गई।
किसानों का आरोप है कि बीज निगम में जो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां उनके बाद पहुंची थीं, उनकी नीलामी पहले कर दी गई। किसानों ने प्रशासन को वीडियो साक्ष्य भी दिखाए, जिसमें बाद में आने वाली ट्रॉलियों को पहले तवज्जो दी जा रही थी। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि हम 5 दिनों से धूप और धूल के बीच दशहरा मैदान की एक ही कतार में फंसे हुए हैं, जबकि बाद में आए लोगों का अनाज खरीदा जा रहा है। यह नियमों का खुला उल्लंघन है।
हंगामे की सूचना मिलते ही केंट थाना प्रभारी अनूप कुमार भार्गव मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसपी कार्यालय पर एकत्रित किसानों को शांत कराया और उन्हें वापस दशहरा मैदान ले जाकर समझाइश दी। प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि जल्द ही दशहरा मैदान में रुकी हुई कतार की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि एक ओर किसान अव्यवस्था से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गेहूं के गिरते दामों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को मंडी में 3740 ब्रांड के गेहूं की नीलामी 2370 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास रही। किसानों का दावा है कि महज 5 दिन पहले यही गेहूं 2600 से 2700 रुपये के भाव पर बिक रहा था। किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाया कि आवक ज्यादा होने का फायदा उठाकर जानबूझकर दाम गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
