अस्पताल से छुट्टी मिलते ही सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी 

सतना : अपने घर में अवैध कट्टा बनाने के दौरान चली गोली से घायल हुए युवक का उपचार पिछले महीने भर से चल रहा था. लेकिन युवक के स्वस्थ्य होने पर जैसे ही अस्पताल से छुट्टी मिली वैसे ही पुलिस द्वारा उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया. महीने भर पहले गोली लगने से घायल युवक ने यह कहते हुए सनसनी फैला दी थी कि किसी नकाबपोश व्यक्ति ने घर में घुसकर उसके ऊपर हमला कर दिया. लेकिन जब पुलिस की छानबीन में युवक की कहानी झूठी निकली. दरअसल वह चोरी छिपे घर के अंदर अवैध कट्टा बनाने के दौरान स्वयं घायल हो गया था.मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत इटमा गांव के निवासी 20 वर्षीय युवक अभिषेक दाहिया को 7 मार्च की रात में गोली लग गई थी.

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा घायल युवक को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रीवा भेज दिया गया. घायल युवक द्वारा बताया गया कि वह अपने कमरे में सो रहा थी. इसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे हुए वहां पहुंचा और उसे उसे नींद से जगाकर दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खालते ही नकाबपोश ने उसे गोली मार दी और भाग निकला. लेकिन पुलिस की विवेचना में न तो युवक को गोली मारने का कोई कारण सामने आया और न ही किसी से उसकी दुश्मनी के बारे में जानकारी मिली. जिसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा को घटनास्थल की सघन जांच करने के निर्देश दिए.

जिसके आधार पर जब पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की तो घायल युवक के कमरे से पाइप, कारतूस, लाइटर सहित अवैध हथियार बनाने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री बरामद हो गई. जिसके आधार पर घायल युवक के विरुद्ध आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 1 ए ए के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरु कर दी गई. इसी कड़ी में गंभीर तौर पर घायल युवक अभिषेक ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में बताया कि वह अपने घर में पाइप में कारतूस डालकर उसे लाइटर से गर्म कर रहा था. तभी कारतूस अचानक फट गया और उसके कंधे के नीचे जा धंसा. जिसके चलते वह न सिर्फ बुरी तरह घायल हो गया बल्कि घबरा भी गया. अपने परिवार और विशेष रुप से मां के डर के कारण उसने अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति द्वारा गोली मारने की झूठी कहानी सबके सामने रखनी शुरु कर दी.
 अस्पताल छोडऩे का नहीं था मन
हलांकि गोली लगने से घायल अभिषेक की हालत शुरुआती दौर में काफी हद तक गंभीर बनी हुई थी. लेकिन अस्पताल में उपचार जारी रहने पर धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आता गया. वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा अभिषेक के स्वास्थ्य होने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था. जिसे देखते हुए अभिषेक सहित उसके परिजन भी यही उम्मीद लगाए बैठे थे कि अस्पताल के उपचार में जिनती देरी होती रहे उतना ही अच्छा. लेकिन जब अभिषेक की पूरी जांच करने के बाद चिकित्सकों द्वारा उसे अस्पताल से ले जाने की अनुमति दे दी गई तो तैयार खड़ी पुलिस को देख परिजनों के बीच निराशा फैल गई. इसी कड़ी में आरोपी अभिषेक को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया.     फोटो मेल में – महीने भर बाद जेल पहुंचा आरोपी

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