पानसेमल: तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बालझीरी में ट्यूबवेल से लाल और काला पानी निकलने की शिकायत मिली थी जिसके PHE विभाग के उपयंत्री संदीप मंगरोलिया एवं लेब टिम द्वारा रामा फलिया निवासी मुकेश हवलदार एवं पंकज खेडकर के कुएं से पानी के सेंपल लिए थे।बुधवार PHE विभाग के अधिकारी आर.एस. बामनिया एवं उपयंत्री संदीप मंगरोलिया से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि लिए गए पानी के सैंपलो में वह निर्धारित 12 मानकों में से 7 पर खरा नहीं उतरा है,पानी में कुछ तत्व अधिक मात्रा में पाए गए हैं जिससे कि वह पीने तथा उपयोग के योग्य नहीं है।
विभाग द्वारा SDM पानसेमल को पत्र लिखकर अवगत करवाने की जानकारी दी गई हे।तथा संबंधित परिवारों/किसानो को कुंए के पानी एवं ट्यूबवेल के पानी को उपयोग नहीं करने हेतु निर्देशित किया है।विभाग द्वारा धामनी नदी के पानी का भी सैंपल लिया गया था जिसकी जांच रिपोर्ट बारे में बताया गया कि विभाग द्वारा पीने के पानी हेतु चाही गई सीमा अंतर्गत 12 पैरामीटर पर परीक्षण किया गया जिसमें से जल का नमूना 12 में से 7 पैरामीटर पर चाही गई सीमा के मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया है।
विभाग द्वारा रैदास कुशवाह के खेत स्थित कुएं से भी सैंपल लिए गए हैं जो कि पीने योग्य पाया गया।वही मुकेश हवलदार ने बताया कि उनके खेत के ट्यूबवेल से लिए पानी के सैंपल अमानक पाए आगए हे जिसके बाद उन्हें ट्यूबवेल के पानी का उपयोग नहीं करने के दिए हे,ऐसे में अब उनकी फसल खराब होने का भय बना हुआ हे।किसानो ने लिखित में SDM से गुहार लगाई है।उल्लेखनीय हे कि लंबे समय से फैक्ट्री के रा मटेरियल के कारण ट्यूबवेल में पानी की गुणवत्ता बदल गई है।
सड़क के दूसरी ओर मॉडल स्कूल,कन्या शिक्षा परिसर एवं कन्या छात्रावास संचालित किया जाता है ओर अमानक पाए गए पानी के ट्यूबवेल से कुछ ही मीटर की दूरी पर शासकीय संस्थाएं संचालित की जा रही है।अब यह समस्या कितने दिनों तक रहेगी और कब इसका निराकरण हो पाएगा इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता है।वही इस विषय को लेकर SDM रमेश सिसोदिया एवं तहसीलदार सुनील सिसोदिया ने कहा कि जिले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्यवाही की जाएगी,वही किसानो के हितों को ध्यान में रखते हुए जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तथा स्थानीय प्रबंधन के माध्यम से धामनी नदी एवं आसपास के परिवेश को स्वच्छ करने हेतु भी पत्र जारी कर निर्देशित किया जाएगा
