
दमोह। शहर स्थित कलेक्ट्रेट के बाहर बुधवार को हजारों शिक्षकों के द्वारा जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया. यह सभी शिक्षक टीईटी परीक्षा का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है 30 साल पहले वह परीक्षा दे चुके हैं अब दोबारा परीक्षा नहीं दे सकते. इसी को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया.रैली निकालते हुए मुख्यमंत्री मप्र के नाम एडीएम मीना मसराम को ज्ञापन सौंपा गया.मध्यप्रदेश शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर यह प्रदर्शन दमोह में भी किया गया.
इस आंदोलन में जिले भर से आए शिक्षकों के साथ-साथ विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन दिया.धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई. शिक्षक आशिफ अंजुम ने जानकारी देते हुए बताया कि कई शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 1998 में हुई थी, लेकिन शासन उन्हें वर्ष 2018 से कर्मचारी मान रहा है. जिससे उनकी वरिष्ठता और पदोन्नति प्रभावित हो रही है.
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जानी चाहिए.आसिफ अंजुम ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने 2011 के पहले जो शिक्षा की उनकी टीईटी परीक्षा लेने के लिए कहा है. पूरे देश में 52 लाख और मध्य प्रदेश में 2 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं. आज हम 30 साल की नौकरी करने के बाद फिर से परीक्षा नहीं दे सकते. क्योंकि परीक्षा देकर ही हम नियुक्त हुए थे. हमसे बार-बार परीक्षा ली जा रही है.इसलिए हमारी मांग है कि टीईटी परीक्षा निरस्त की जाए.प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तरह एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर कर परीक्षा निरस्त करने की मांग करे. ताकि शिक्षकों को इसका फायदा मिल सके.
धरना प्रदर्शन के बाद रैली निकालते हुए हजारों शिक्षक कलेक्ट्रेट कलेक्टर परिसर पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सोपा गया.
