इंदौर: नगर निगम परिषद की बैठक में भागीरथपुरा के पीड़ितों को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखा विवाद देखने को मिला। भाजपा ने जहां पीड़ितों को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया, वहीं कांग्रेस पार्षदों ने इस बयान पर जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।कांग्रेस पार्षदों ने भागीरथपुरा के पीड़ितों को आउटसोर्स के बजाय स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई और अस्थायी नियुक्तियों का विरोध किया।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन में भाजपा पार्षद रक्षात्मक मुद्रा में नजर आए।बैठक के दौरान ड्रेनेज और पानी की समस्याओं को लेकर भी जोरदार बहस हुई। पार्षद फौजिया ने शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पूरे शहर को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। उन्होंने आजाद नगर सहित कई क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं। इस दौरान सदन में वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे भी लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।
इसके अलावा अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने 110 कॉलोनियों को वैध करने के दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह प्रक्रिया कब और कैसे पूरी हुई। लीज डीड होने के बावजूद नक्शे पास न होने की शिकायत भी सामने आई।हंगामे के बीच भाजपा पार्षद सभापति की आसंदी तक पहुंच गए और अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना।
