मथुरा | नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माण की खबरों के बीच, प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज ने फिल्म निर्माताओं को महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर से मुलाकात के दौरान महाराज जी ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों का जीवन पर्दे पर उतारना केवल मनोरंजन का जरिया नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म में कोई भी ऐसा दृश्य या संवाद नहीं होना चाहिए जो उनकी पवित्रता और गरिमा को ठेस पहुंचाए। प्रेमानंद महाराज के अनुसार, महापुरुषों के चरित्र को देखकर दर्शकों के मन में भक्ति और वैराग्य जागना चाहिए, न कि केवल सांसारिक मनोरंजन। उन्होंने लोकप्रियता के लिए तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने को एक गंभीर अपराध बताया।
महाराज जी ने उन कलाकारों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं जो बाबा नीम करोली का किरदार निभाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि किसी दिव्य पुरुष का अभिनय करने से पहले कलाकार को स्वयं सात्विक जीवन अपनाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि शूटिंग शुरू करने से पहले कलाकारों को संतों का संग करना चाहिए, सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और कुछ समय तक साधना करनी चाहिए। प्रेमानंद महाराज का मानना है कि जब तक कलाकार का आचरण पवित्र नहीं होगा, तब तक वह उस महान व्यक्तित्व की ऊर्जा और सच्चाई को पर्दे पर नहीं उतार पाएगा। यह केवल अभिनय नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जिम्मेदारी है।
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ जून 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। इस फिल्म की विशेषता यह है कि इसे मुख्य रूप से हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं जैसे बुंदेली और ब्रज भाषा में भी रिलीज किया जाएगा, ताकि बाबा के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जा सके। अनुप्रिया नागर, नम्रता जी और रागिनी एस द्वारा निर्मित यह फिल्म नीम करोली बाबा के उन अनछुए पहलुओं को सामने लाएगी, जिन्हें भक्त हनुमान जी के अवतार के रूप में पूजते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि फिल्म निर्माता प्रेमानंद महाराज के निर्देशों का पालन करते हुए इस पावन चरित्र को किस तरह प्रस्तुत करते हैं।

