कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का नोएडा में निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर, आज शाम दिल्ली में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

नई दिल्ली | भारतीय राजनीति की वरिष्ठ स्तंभ और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई ने बुधवार तड़के करीब 3 बजे नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कांग्रेस पार्टी सहित पूरे राजनीतिक गलियारों में शोक व्याप्त है। मोहसिना किदवई न केवल एक सुलझी हुई राजनेता थीं, बल्कि उन्होंने अपने दशकों लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और देश सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी सादगी और जनता से जुड़ाव उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता था। उनके निधन को भारतीय राजनीति और विशेषकर कांग्रेस पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

किदवई का राजनीतिक सफर सादगी और निष्ठा की मिसाल रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई और हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज उठाई। उनके निधन पर देश की विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने न केवल नीतिगत फैसलों में अहम भूमिका निभाई, बल्कि सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी अमूल्य योगदान दिया। सोशल मीडिया पर भी आम नागरिकों और नेताओं द्वारा उनकी पुरानी यादें साझा की जा रही हैं, जो उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व और देश के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती हैं।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मोहसिना किदवई की पार्थिव देह को आज शाम 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित प्रसिद्ध पंज-पीरान कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सहित कई दलों के वरिष्ठ नेताओं और भारी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एक समर्पित लोक सेवक के रूप में उनके कार्यों को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी, और उनका व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

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