
सौंसर। जिले में संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के साथ-साथ जनशिकायतों के प्रभावी समाधान को लेकर कलेक्टर अजय देव शर्मा द्वारा आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में सौसर क्षेत्र के न्यायालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई.
समीक्षा के दौरान न्यायालय नायब तहसीलदार सौसर क्रमांक 3 में प्रकरणों के निराकरण की दर मात्र 63.93 प्रतिशत पाए जाने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया. इसी क्रम में उन्होंने आज न्यायालय नायब तहसीलदार सौसर क्रमांक 3 का औचक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रिकॉर्ड संधारण, स्वच्छता व्यवस्था, न्यायालयीन प्रक्रियाओं के अनुपालन और आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरणों की स्थिति का गहन अवलोकन किया. उन्होंने पाया कि नामांतरण प्रकरणों का निराकरण 62.63 प्रतिशत, बंटवारा प्रकरणों का 36.73 प्रतिशत और कुल प्रकरणों का निराकरण 63.93 प्रतिशत है, जो अपेक्षा से काफी कम है.इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई.
कलेक्टर शर्मा ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने, न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध बनाने तथा आरसीएमएस पोर्टल पर डेटा अद्यतन करने के निर्देश दिए. साथ ही बी-121 के पुराने प्रकरणों और पेशी से उतरे प्रकरणों का जल्द निराकरण करने की सख्त हिदायत दी.
उन्होंने न्यायालयीन रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की और इसे तेज गति से पूर्ण करने पर बल दिया. कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ संवेदनशीलता से कार्य करने की प्रेरणा दी.
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को सुना, जिससे शासन को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिल सके.
