रीवा: रीवा जिले में सडक़ सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है. जिले में चल रही 57 बसों पर विभाग ने सख्त चालानी कार्रवाई की है.
अग्निशमन यंत्र न लगाने, फर्स्ट एड बॉक्स की अनुपस्थिति और आपातकालीन निकास जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों का पालन न करने के आरोप लगाए गए हैं. यह कार्रवाई न केवल यात्री बसों बल्कि स्कूल बसों पर भी की गई, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से और भी गंभीर मुद्दा उठाती है. परिवहन विभाग ने बताया की बढ़ते सडक़ हादसों के मद्देनजर विशेष जांच अभियान चलाया गया है, ‘सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता.
बस संचालकों को बार-बार निर्देश दिए जा रहे है , लेकिन बस संचालको के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इन उल्लंघनों के कारण अब तक कुल 57 यात्री बसों एवं स्कूल बसों पर मोटरयान अधिनियम के अनुरूप शमन शुल्क अधिरोपित किया गया. परिवहन विभाग ने आगे कहा कि अगले कुछ दिनों में और सख्ती बरती जाएगी. इस कार्रवाई में शामिल बसें मुख्य रूप से रीवा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बसें है.
जांच टीम ने पाया कि अधिकांश बसों में फायर एक्सटिंग्विशर की समाप्ति तिथि निकल चुकी थी या वे बिल्कुल ही अनुपस्थित थे. इसी तरह, फर्स्ट एक्सीडेंट बॉक्स में आवश्यक दवाइयां और बैंडेज की कमी पाई गई, जबकि इमरजेंसी एग्जिट के दरवाजे अवरुद्ध या अनलॉक थे. विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों को अब कोई छूट नहीं मिलेगी. रीवा के सडक़ो मे आवागमन अब और सुरक्षित होगा. सभी सुरक्षा उपकरणों को अपडेट करवाएं, नही तो कार्यवाही होगी.
