
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश में सीधी भर्ती प्रक्रिया से सिस्टर ट्यूटर के पद पर होने वाली नियुक्तियों का परिणाम घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की है।
जबलपुर निवासी रानू हरिंखेडे सहित 30 नर्सिंग ऑफिसर की ओर से अधिवक्ता साहिल बिल्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सरकार ने मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (गैर- राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2023 में संशोधन किया है। इसके तहत सिस्टर ट्यूटर के पद पर पदोन्नति के माध्यम से भर्ती के नियमों को कुल पदों के 10 फीसदी तक सीमित कर दिया है, जबकि सीधी भर्ती को कुल पदों के 90 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। पूर्व के नियम को उलटकर यह संशोधन किया गया है। पूर्व में सिस्टर ट्यूटर के 10 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से जबकि 90 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाते थे। न्यायालय को बताया गया कि याचिका लंबित रहने के दौरान मप्र कर्मचारी चयन मंडल भोपाल ने विज्ञापन जारी कर सिस्टर ट्यूटर के 218 पदों पर सीधी भर्ती निकाली है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त अंतरिम आदेश दिये।
