
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए नवगठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने विधानसभा की तुलना मां से करते हुए कहा कि जैसे मां अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बेहतर नागरिक बनाती है, उसी तरह विधायकों का दायित्व है कि वे प्रदेश की जनता के हितों को सर्वोपरि रखें।
उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि आठ करोड़ जनता के कल्याण को ध्यान में नहीं रखते, तो उनकी भूमिका अधूरी रह जाती है। साथ ही उन्होंने समितियों की बैठकों में नियमित उपस्थिति पर जोर देते हुए वर्ष में कम से कम 12 बैठकें आयोजित करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने माना कि समितियों की सक्रियता से विधानसभा की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और सदस्यों का ज्ञान भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसदीय परंपराओं के पालन की आवश्यकता बताते हुए कुछ सदस्यों के आचरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन मर्यादा का पालन जरूरी है। बैठक में अन्य वरिष्ठ नेता व अधिकारी भी मौजूद रहे।
