हरपालपुर: नगर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। पालतू और फालतू श्वान दिन-दिन नगर की गलियों और सड़कों में विचरण कर रहे हैं और राहगीरों, वाइक सवारों पर अनायास झपटते देखे जा रहे हैं।राजपूत कालोनी निवासी महेन्द्र ने बताया कि वह बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे, तभी पीछे से आए कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। पीड़ित ने यह भी कहा कि उपस्वास्थ्य केन्द्र में रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध है, लेकिन कुत्ते के काटने का रैबीज टीका और पर्चे में लिखी दवा मेडिकल स्टोर से स्वयं खरीदकर लानी पड़ती है, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
नगर पालिका के अधिकारी शैलन्द्र सिंह ने बताया कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से शहरवासियों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत श्वानों को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें और किसी हमले की स्थिति में तुरंत उपस्वास्थ्य केन्द्र या नगर पालिका को सूचना दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या केवल लोगों के लिए खतरा नहीं, बल्कि यह डॉग वाइट जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। इसलिए नगर प्रशासन और नागरिकों को मिलकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
