जबलपुर: गर्मी का सीजन आते ही खेतों में फसलों की कटाई भी शुरू हो जाती है। जिसमें मुख्यतौर पर गेहूं, चना, मसूर आदि फसल शामिल है। हालांकि इस बार मौसम में बदलाव होने के कारण कटाई में काफी देरी हुई है अब रोजाना ही तेज धूप निकल रही है, जिससे खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से तैयार हो गई है। उल्लेखनीय है कि जिले में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को बोया जाता है। लगभग सभी क्षेत्रों में गेहूं की फसलें धीरे-धीरे पकने लगी हैं और कई जगहों पर तो उनकी कटाई भी शुरू हो चुकी है। जिससे अब खेतों में हार्वेस्टर और ट्रैक्टर आदि कृषक के वाहन फसलों की कटाई करते हुए नजर आ रहे हैं।
पंजाब से हार्वेस्टर लेके आते हैं फसल काटने
जानकारी के अनुसार जिले में अधिकतर अब आधुनिकता को देखते हुए हार्वेस्टर से ही सभी फसलों की कटाई की जाती है। जिसमें किसानों का समय भी बचता है और पूर्ण रूप से पूरी फसल की कटाई भी हो जाती है। मुख्यतः यह देखा जाता है कि हार्वेस्टर चलाने वाले अधिकतर पंजाब से ही शहर में आते हैं, जो फसलों की कटाई करते हैं। क्योंकि हार्वेस्टर जैसी आधुनिक वाहन का उपयोग हमारे जिले के अधिकतर किसानों को नहीं आता है, जिसके लिए जिले के सभी किसान इनके द्वारा ही अपनी फसल कटवाते है। ऐसे वाहन और इनको चलाने की तकनीक भी पंजाब के किसानों में होती है। जहां से बड़ी संख्या में पंजाबी सरदार लोग शहर आते हैं और जिले में जगह-जगह जाकर गेहूं की फसलों की कटाई करते हैं।
प्रति एकड़ कटाई हो गई महंगी
फसलों की हार्वेस्टर द्वारा कटाई के लिए पहले 1000-1200 रूपए प्रति एकड़ लगा करता था। परंतु पिछले दो-तीन सालों से इनके रेट भी बढ़ गए हैं। जिसमें अब हार्वेस्टर द्वारा कटाई कराने पर किसानों को 1400 से लेकर 1600 रुपए प्रति एकड़ पर देने पड़ रहे हैं। जिसके चलते फसलों को कटाई अब महंगी हो गई है।
