
भोपाल: भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पार्टी की वैचारिक यात्रा को जनसंघ की जड़ों से जोड़ते हुए उसे लोकतांत्रिक आस्था की निरंतर धारा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा का विस्तार केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि यह एक ऐसी यात्रा है जिसे जनता के विश्वास और ईश्वर की कृपा का परिणाम माना जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की असमान व्यवस्थाओं के खिलाफ उनका संघर्ष देश की एकता और अखंडता के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है, जो अब तक वंचित रहा है।
कार्यक्रम में पुराने कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने पार्टी की असली ताकत करार दिया। उन्होंने कहा कि विचारधारा की मजबूती और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ही भाजपा की पहचान है।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा को सहभागिता आधारित संगठन बताते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने नई दिशा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने अपने मूल सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
खंडेलवाल ने संगठन विस्तार की योजना साझा करते हुए बताया कि प्रदेश के 17 जिलों में नए कार्यालयों के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस तक सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय स्थापित हो जाएं। उन्होंने दोहराया कि भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी उसका समर्पित कार्यकर्ता है, जो हर परिस्थिति में संगठन को मजबूती देता है।
