इंदौर: शहर में सायबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में ठगों ने मासूम लोगों को निवेश, नौकरी और यहाँ तक कि मदद के बहाने अपना निशाना बनाया है. ताजा मामलों में आरोपियों ने झांसा देकर फरियादियों के खातों से करीब 45 लाख रुपये उड़ा दिए हैं. पुलिस ने सभी क्षेत्रों में अज्ञात मोबाइल धारकों और यूपीआई आईडी धारकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मदद के बहाने डिजिटल डकैती
राऊ के नई बस्ती निवासी फल विक्रेता राधेश्याम कुशवाह के साथ बेहद शातिर तरीके से ठगी हुई. राधेश्याम ने 3 लाख रुपये का पेटीएम लोन लिया था. 16 मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति उनके फल के ठेले पर आया और खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर ‘लोन प्रोसेस’ करने के बहाने राधेश्याम का मोबाइल मांग लिया. भरोसे में आकर मोबाइल देते ही आरोपी ने पलक झपकते ही राधेश्याम के पेटीएम वॉलेट से 1,00,000 रुपए अपनी यूपीआई आईडी में ट्रांसफर कर लिए और चंपत हो गया.
साथ मिलकर आगे बढ़ें ग्रुप ने लगाया 29 लाख का चूना
राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र की आर.आर. कैट कॉलोनी निवासी मंजू पति अशोक कुमार एक बड़े निवेश फ्रॉड का शिकार हुई हैं. उन्हें साथ मिलकर आगे बढ़ें ग्रुप नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था, जिसकी एडमिन निधि अग्रवाल और अन्य साथियों ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया. ठगों के झांसे में आकर मंजू ने अलग-अलग किश्तों में कुल 29,86,390 रुपये आरोपियों द्वारा बताई गई वेबसाइट और खातों में जमा कर दिए. मुनाफा तो दूर, जब मूल रकम भी वापस नहीं मिली, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ.
शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी
सिलिकॉन सिटी निवासी अनिल कमलाकर को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों का घाटा हुआ है. अनिल ने आरपीके और पीएमएस ऐप के जरिए निवेश शुरू किया था. आरोपी अमोल रमाकान्त सुरवडे ने उन्हें ऊंचे रिटर्न का लालच देकर उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से कुल 9,25,000 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए. जब अनिल ने अपना प्रॉफिट मांगा, तो आरोपी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया.
जर्मनी में नौकरी दिलाने का फर्जी झांसा,हड़पे रुपए
सदर बाजार थाना क्षेत्र की जति कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश तिवारी को विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर ठगा गया. आरोपियों ने खुद को जर्मनी की ‘एक्सट्रीम’ कंपनी का मैनेजर बताया और 3 लाख रुपये महीना वेतन वाली जॉब का प्रलोभन दिया. प्रोसेसिंग फीस और अन्य दस्तावेजों के नाम पर ठगों ने ओमप्रकाश से 1,50,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए और गायब हो गए.
ऑनलाइन टास्क और कमीशन का लालच देकर बनाया शिकार
स्कीम नंबर 114 निवासी आमोद कुमार सिंह को व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए ‘अतिरिक्त कमाई’ का झांसा दिया गया. ठगों ने उन्हें कुछ ऑनलाइन टास्क दिए और जमा राशि पर 20-40 प्रतिशत कमीशन का वादा किया. आमोद ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर करीब 1,28,000 रुपये भेज दिए. जब उन्होंने अपना कमीशन और मूल राशि मांगी, तो आरोपियों ने उनसे संपर्क तोड़ लिया.
