मुंबई | बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी पहली फिल्म ‘धड़क’ से जुड़े उन कड़वे अनुभवों को साझा किया, जिन्हें उन्होंने सालों तक अपने दिल में दबाकर रखा था। जाह्नवी के लिए यह दौर दोहरी चुनौती वाला था; एक तरफ करियर की शुरुआत का भारी दबाव था, तो दूसरी तरफ फिल्म रिलीज से ठीक पहले उन्होंने अपनी मां और दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी को खो दिया था। इस गहरे सदमे और मानसिक तनाव के बीच उन्होंने फिल्म का प्रचार किया, लेकिन अंदरूनी तौर पर वह पूरी तरह टूट चुकी थीं। उन्होंने खुलासा किया कि उस समय वह डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजर रही थीं और उनके लिए सफलता के मायने धुंधले पड़ गए थे।
फिल्म ‘धड़क’ ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कलेक्शन किया था, लेकिन जाह्नवी को इस कामयाबी का सुख महसूस नहीं हो पाया। सोशल मीडिया पर होने वाली तीखी आलोचनाओं और नेपोटिज्म को लेकर हुई ट्रोलिंग ने उनके आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया था। जाह्नवी ने बताया कि उन्हें लगने लगा था कि पूरी दुनिया उनसे नफरत करती है और उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा। नफरत भरे कमेंट्स के कारण उनकी रातों की नींद उड़ गई थी और वह केवल नकारात्मक बातों पर ध्यान देने लगी थीं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति और भी बिगड़ती चली गई।
इस कठिन और अंधकारमय दौर से बाहर निकलकर जाह्नवी कपूर ने खुद को एक परिपक्व कलाकार के रूप में स्थापित किया है। ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’, ‘रूही’ और ‘मिलिए’ जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाकर उन्होंने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए। वर्कफ्रंट की बात करें तो वह जल्द ही साउथ सुपरस्टार राम चरण के साथ फिल्म ‘पेड्डी’ (RC16) में नजर आने वाली हैं। जाह्नवी का यह सफर दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे छिपे डर और असुरक्षा को कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति से जीता जा सकता है। आज वह न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि कई युवाओं के लिए मानसिक दृढ़ता की प्रेरणा भी बन चुकी हैं।

