चेन्नई | तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रण में अपनी नई पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) के साथ उतरे अभिनेता से नेता बने विजय ने सोमवार को चेन्नई के प्रमुख क्षेत्रों में अपना निर्धारित चुनाव प्रचार अचानक रद्द कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विल्लीवक्कम और टी. नगर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार के लिए पुलिस ने समय की ऐसी पाबंदी लगाई कि कार्यक्रम का आयोजन व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया। टीवीके ने जहां लंबे समय के स्लॉट की मांग की थी, वहीं पुलिस ने कथित तौर पर विल्लीवक्कम और टी. नगर के बीच यात्रा के लिए मात्र एक घंटे का समय दिया। भारी भीड़ और समर्थकों के उत्साह को देखते हुए इतने कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचना विजय के लिए नामुमकिन था, जिसके चलते उन्होंने अपना दौरा निरस्त करने का कड़ा फैसला लिया।
राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए अब तीन सप्ताह से भी कम का समय शेष है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। विजय की पार्टी टीवीके पहली बार चुनावी मैदान में है और उसने राज्य की सभी 234 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। विजय खुद पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (ईस्ट) विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं और खुद को सत्ताधारी डीएमके और मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके के सामने एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से विजय तमिलनाडु और पुडुचेरी के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रूप से जनसभाएं कर रहे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। हालांकि, चेन्नई जैसे व्यस्त महानगर में सुरक्षा और समय के प्रबंधन को लेकर पुलिस प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान जारी है।
प्रचार रद्द होने के बाद टीवीके के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये और अपर्याप्त सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी कार्यकर्ता आधव अर्जुन ने पूर्व में भी कोलाथुर कैंपेन के दौरान पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाया था। सूत्रों का कहना है कि विजय ने सीमित शेड्यूल और पुलिस के कड़े रुख पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी भारी भीड़ के कारण वे विल्लीवक्कम नहीं पहुँच सके थे। विजय के समर्थकों का मानना है कि जानबूझकर उनके प्रचार में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। फिलहाल, चेन्नई का दौरा रद्द होने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में मायूसी है, लेकिन पार्टी अब अगले दौर के प्रचार के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है ताकि आने वाले दिनों में मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से अपनी बात पहुँचाई जा सके।

