
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी रायसेन जिले के दिवटिया (नूरगंज) और नूरगंज स्थित गोदामों में हजारों टन गेहूं सड़ने के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का गंभीर उदाहरण बताया है।
पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि गहरे स्तर पर कुप्रबंधन और जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदा गया लगभग 20 हजार टन गेहूं वर्षों तक बिना उचित वितरण और रखरखाव के गोदामों में पड़ा रहा, जिसके कारण वह अंततः उपयोग के योग्य नहीं रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भंडारण, रखरखाव, परिवहन और कीटनाशक छिड़काव जैसे खर्चों के कारण इस गेहूं की लागत 35 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी अधिक लागत वृद्धि का औचित्य क्या है और क्या यह अनियमितताओं को छिपाने के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है।
इस पूरे प्रकरण को “संगठित आर्थिक अपराध” बताते हुए पटवारी ने कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित अनाज को सड़ने दिया गया, जबकि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक कीटनाशक उपयोग के कारण यह गेहूं जहरीला हो चुका है, जिससे जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
उन्होंने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं पर आपराधिक कार्रवाई तथा नुकसान की भरपाई की मांग की। साथ ही राज्य की भंडारण और वितरण व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता भी जताई।
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस जनहित की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
