रायपुर, 05 अप्रैल (वार्ता) छत्तीसगढ़ के रायपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने करीब ढाई दशक पुराने गृह निर्माण ऋण घोटाले में कार्रवाई करते हुए सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा को गिरफ्तार किया है।
यह जानकारी रविवार को दी गई। मामले में इससे पहले 18 मार्च को दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद सात अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। यह मामला वर्ष 2000 में दर्ज हुआ था, जिसकी जांच लंबे समय से जारी थी।
जांच में सामने आया कि ”आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर” के 186 सदस्यों के नाम पर लगभग एक करोड़ 86 लाख रुपये का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत कराया गया था। हालांकि भौतिक सत्यापन के दौरान जिन स्थानों पर मकान निर्माण दर्शाया गया था, वहां न तो निर्माण कार्य मिला और न ही संबंधित लाभार्थियों का कोई पता चला।
ब्यूरो की जांच में कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए ऋण स्वीकृत कराने तथा राशि के गबन के संकेत मिले हैं। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक वर्ष 1995 से 1998 के बीच संचालित शासकीय आवासीय योजना का दुरुपयोग करते हुए तत्कालीन पदाधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी ऋण स्वीकृत कराए। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में षड्यंत्रपूर्वक दस्तावेज तैयार कर धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
